✍️ ई-पत्रिका

[ई-पत्रिका][bleft]

📌Research Article

[साहित्‍य][bleft]
 श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ की कहानियों की प्रासंगिकता एवं दलित चेतना -सच्चिदानंद

श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ की कहानियों की प्रासंगिकता एवं दलित चेतना -सच्चिदानंद

  शोध सारांश श्यौराज सिंह ‘ बेचैन ’ दलित कहानीकारों में से एक है। इनकी कहानियों में सामाजिक , धार्मिक , राजनैतिक न्याय की ख...
डाॅ. रामशंकर अवस्थी द्वारा रचित रात्रिगमिष्यति: एक अवलोकन -डाॅ. सुषमा

डाॅ. रामशंकर अवस्थी द्वारा रचित रात्रिगमिष्यति: एक अवलोकन -डाॅ. सुषमा

शोध-सारांश संस्कृत के आधुनिक महाकाव्य की परंपरा में कवि सह्रदय डाॅ. राम शंकर अवस्थी का नाम बहुचर्चित लोगों में आता है। इन्होंने कृषि वर्ग से...
शत्रुघ्न प्रसाद जीवन और साहित्य दोनों में अनुशासन के पैरोकार थे : अवधेश नारायण सिंह

शत्रुघ्न प्रसाद जीवन और साहित्य दोनों में अनुशासन के पैरोकार थे : अवधेश नारायण सिंह

ऐतिहासिक उपन्यास 'तख़्ते ताऊस' पर संगोष्ठी एवं 'आचार्य भर्तृहरि और उनका वाक्यपदीयम्' विषय पर व्याख्यान 12 जुलाई, पटना।  ...
  यशपाल और उनके उपन्यास : समाजशास्त्रीय अध्ययन -मिली रानी पाल

यशपाल और उनके उपन्यास : समाजशास्त्रीय अध्ययन -मिली रानी पाल

शोध सारांश यशपाल एक युग प्रवर्तक लेखक थे। अपने साहित्य के द्वारा सामाजिक बदलाव की दिशा में वे कार्य करते रहे। उनके उपन्यासों का समाजशास्त्री...
 भारत में आंतरिक आपातकाल (1975-1977): महिला पत्रकारों की भूमिका और संघर्ष -दशरथ सिंह राठौड़

भारत में आंतरिक आपातकाल (1975-1977): महिला पत्रकारों की भूमिका और संघर्ष -दशरथ सिंह राठौड़

शोध सारांश भारत में आंतरिक आपातकाल (1975-1977) का दौर देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे विवादास्पद कालखंड रहा है। जून 1975 में इलाहाबाद उच्च...